चेन्नई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को तमिलनाडु में कई जगह छापेमारी की. तलाशी अभियान मदुरै, थेनी, तिरुनेलवेली, रामनाथपुरम और चेन्नई में चलाया गया. पुलिस ने कहा कि 16 आतंकी संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद छापेमारी की गई. 16 में से 14 को संयुक्त अरब अमीरात से निर्वासित किया गया था. एनआईए की एक विशेष अदालत ने 16 गिरफ्तार व्यक्तियों को आठ दिन के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया.

एजेंसी ने मोहम्मद इब्राहिम, मोहम्मद शेख मैथेन, मीरन गनी, गुलाम नबी असथ, अहमद अजरुद्दीन, तौफीक अहमद, मोहम्मद इब्राहिम, मोहम्मद अफजर, रफी अहमद, मुंतशिर, उमर बारोक, मोहिदीन सीनी शाहुल हमीद, फैजल शरीफ और फारुख के आवास पर छापेमारी की. आतंकवाद विरोधी एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि रामनाथपुरम जिले में पांच स्थानों पर, थेनी में दो स्थानों पर, पेरम्बलुर, नागपट्टिनम तिरुवरूर के एक-एक जगह और चेन्नई, मदुरै और तिरुनेलवेली शहरों के एक-एक स्थान पर छापेमारी की गई.

एनआईए ने एक लैपटॉप, सात मोबाइल, पांच सिम कार्ड, तीन मेमोरी कार्ड, एक हार्ड डिस्क ड्राइव, दो पेन ड्राइव, एक इंटरनेट डोंगल, नो सीडी/डीवीडी और 50 के करीब कागजात जब्त किए. एनआईए ने 16 आरोपियों के खिलाफ विश्वसनीय जानकारी के आधार पर मामला दर्ज किया, जिसमें कहा गया है कि आरोपियों का आईएसआईएस/दाऐश, अलकायदा और सिमी जैसे आतंकवादी संगठनों से संबंध हैं. आरोपी कथित तौर पर 'अंसारुल्ला' नाम का एक आतंकी संगठन बनाने की कोशिश कर रहे थे.

एनआईए ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, भारत में इस्लामिक शासन की स्थापना करने के लिए भारत सरकार के खिलाफ साजिश कर आरोपी हमला करने की योजन बना रहे थे, जिसके लिए आरोपी और उनके सहियोगियों ने फंड इकट्ठा किया. 13 जुलाई को एनआईए ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें हसन अली, हरीश मोहम्मद, मोहम्मद इब्राहिम, मीरान गनी, गुलाम नबीसथ, रफी अहमद, मुंतशिर उमर बारोक और फारुख शामिल थे. 15 जुलाई को सात और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मोहम्मद शेख मैथेन, अहमद अजरुद्दीन, तौफीक अहमद, मोहम्मद इब्राहिम, मोहम्मद अफजर, मोहिदीन सीनी शाहुल हमीद और फैजल शरीफ शामिल हैं.