लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में दिनदहाड़े 10 लोगों की हत्या को लेकर सियासी घमासान मचा है. इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल सोनभद्र जाएंगे और जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे. योगी घायलों का भी हालचाल लेंगे. इसके बाद सोनभद्र कलक्ट्रेट में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र हत्याकांड की तेजी से जांच के लिए निर्देश दिए हैं और डीजीपी से व्यक्तिगत निगरानी के लिए कहा गया है.

आज विपक्षी दलों (कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी) के नेताओं को सोनभद्र जाते समय रोका गया. हालांकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिर्जापुर स्थित चुनार गेस्ट में मुलाकात की. उन्हें इसके लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. करीब 26 घंटे तक धरने पर बैठी रहीं. जिसके बाद मिर्जापुर जिला प्रशासन ने उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलवाया. सत्तारूढ़ दल बीजेपी विपक्षी दलों पर सियासत का आरोप लगा रही है.

मुलाकात के बाद प्रियंका ने कहा, ''इन बच्चों ने अपने माता -पिता खो दिये हैं. कुछ परिवार ऐसे हैं, जिनके बच्चे और माता-पिता अस्पताल में भर्ती हैं . ये लोग पिछले डेढ़ महीने से अपनी दिक्कतों के बारे में प्रशासन को सूचित कर रहे थे.''

Finally met the families of the Ubbha massacre. What they have been through is unimaginably brutal and unjust. Every single Indian should stand with them in the name of humanity. pic.twitter.com/232oJITUjj

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 20, 2019

क्या इन आँसुओं को पोंछना अपराध है? pic.twitter.com/HdPAEkGJGj

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 20, 2019

गांववालों की मांग के बारे में प्रियंका ने कहा कि जिस भी परिवार ने किसी सदस्य को खोया है, उसे वित्तीय सहायता के रूप में 25 लाख रुपये मिलने चाहिए . पीढ़ियों से जिस भूमि पर वे खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं, वह उन्हें दी जानी चाहिए . इन लोगों के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक आधार पर हो, ताकि ये विवाद खत्म हों. निर्दोष गांववालों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिये जाने चाहिए .

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अंतत: वह उम्भा नरसंहार के पीड़ित परिवारों से मिलीं. उनके साथ जो हुआ, वह अत्यंत नृशंस और अन्यायपूर्ण है. मानवता के नाम पर हर भारतीय को उनके साथ खड़ा होना चाहिए.

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ''जिन्होंने मुझे गिरफ्तार किया, अपनी गाड़ी में बिठाकर चुनार के किले में लाये, जिन्होंने मुझे इस दरवाजे से उस दरवाजे तक रोका ... वो आज कह रहे हैं कि मैं गिरफ्तार नहीं हूं, मैं स्वतंत्र हूं, मैं जा सकती हूं, उन्हें मैं कहना चाहती हूं कि मेरा मकसद पूरा हुआ, मैं परिवार के सदस्यों से मिली. आज मैं जा रही हूं लेकिन मैं वापस आऊंगी.''

उधर, जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से रोका गया, जहां दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है . सोनभद्र में चूंकि धारा—144 लागू है, इसलिए प्रियंका को रोका गया . ऐसी आशंका थी कि प्रियंका के सोनभद्र जाने से शांति व्यवस्था पर असर पड़ सकता था.

सोनभद्र में घोरावल थाना क्षेत्र के उम्भा गांव में ग्राम प्रधान यज्ञदत्त के लोगों ने 10 लोगों की हत्या कर दी थी. यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से करीब 90 बीघा जमीन खरीदी थी, जिसपर वे सैकड़ों लोगों के साथ कब्जा जमाने के लिए पहुंचे थे. इसका ग्रामीणों ने विरोध किया. जिसके बाद यज्ञदत्त के समर्थकों ने 10 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इस दौरान कई जख्मी हो गए.