उन्नाव रेप केस में पीड़ित के साथ हुए सड़क हादसे की जांच कर रही सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है. दरअसल, सीबीआई ने सड़क हादसे के केस को दिल्ली न ट्रांसफर करने की अर्जी दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अर्जी को स्वीकार करते हुए जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया है.

इसके बाद सीबीआई ने कुलदीप सिंह सेंगर, अतुल सिंह, वीरेंद्र सिंह और शैलेंद्र सिंह को हिरासत में लेने की अर्जी दी है. साथ ही सीबीआई ने पीड़िता के चाचा से पूछताछ की भी अनुमति मांगी है. बता दें, एक्सीडेंट केस में चाचा ही शिकायकर्ता हैं.

क्राइम सीन को रिक्रिएट करेगी सीबीआई
सीबीआई की एक टीम ज्वॉइंट डायरेक्टर के नेतृत्व में रायबरेली जा रही है. साथ ही सीएफएसएल की एक टीम रायबरेली साक्ष्यों को जुटाने के पहुंच रही है. सीबीआई टीम मौके पर पहुंचकर क्राइम सीन को रिक्रिएट करेगी.

7 दिनों में एक्सीडेंट केस की जांच करेगी सीबीआई
उन्नाव रेप मामले में जांच एजेंसी सीबीआई एक्शन में है. उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए एक्सीडेंट मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामला दर्ज कर लिया है. इसके साथ ही सीबीआई ने बुधवार से ही अपनी जांच शुरू कर दी है. इन सबके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को 7 दिनों के भीतर इस मामले पर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. ऐसे में सीबीआई पर दबाव पड़ना लाजमी है.

सेंगर से जेल में मिलने वालों की मांगी गई लिस्ट
उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से पिछ्ले कुछ महीनों में किन लोगों ने मुलाकात की, इसकी भी लिस्ट मांगी गई है. मुलाकात करने वाले लोगों से सीबीआई के जरिए पूछताछ की जाएगी. सीबीआई को यह केस मंगलवार को सौंपा गया था. रविवार को उन्नाव रेप पीड़िता की गाड़ी की ट्रक के साथ भिड़ंत हो गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी.

पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर ने रेप किया. यह घटना साल 2017 की है.पीड़िता की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद राजनीतिक बवाल मच गया है.