इस्लामाबादः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर मामले को लेकर वैश्विक नेताओं से संपर्क करने के अपने प्रयासों के तहत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से फोन पर बात की। भारत ने पिछले सप्ताह, जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराएं रद्द कर दीं और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों... जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित कर दिया।

भारत के इस कदम पर आपत्ति जाहिर करते हुए पाकिस्तान ने बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर राजनयिक संबंधों में कटौती कर दी तथा नयी दिल्ली के साथ व्यापार संबंधों को रोक दिया। ‘‘द न्यूज इंटरनेशनल'' ने एक आधिकारिक बयान के हवाले से सोमवार को बताया कि इस घटनाक्रम के बाद इमरान खान तथा विडोडो के बीच फोन पर पहला संवाद हुआ।

इमरान ने कहा कि ‘‘बेकसूर कश्मीरियों के मारे जाने का गंभीर खतरा है'' और ऐसी त्रासदी को रोकना अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दायित्व है। कश्मीर की स्थिति को लेकर इमरान पहले ही ब्रिटेन और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों, तुर्की के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के शहजादे और बहरीन के सम्राट से बात कर चुके हैं।

कश्मीर के समाधान के लिए कई प्रयास कर रहा पाकिस्तान: बाजवा
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का कहना है कि पाकिस्तान ने कश्मीर में स्थिति के समाधान के लिए कई प्रयास शुरू किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे जो भी प्रयास हों, उनका देश कश्मीरी लोगों का समर्थन करेगा। बाग सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी सैनिकों के साथ ईद मनाते हुए बाजवा ने सोमवार को कहा, ‘‘सरकार ने कश्मीर संकट के निवारण के लिए कई प्रयास शुरू किए हैं।''

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ‘इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' (आईएसपीआर) के हवाले से कहा गया है, ‘‘कश्मीर विवाद को सुलझाने का हमारा संकल्प, शांति की इच्छा की तरह ही मजबूत है।'' उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का ध्यान जम्मू-कश्मीर से हटाकर एलओसी और पाकिस्तान पर करने की कोशिश कर रहा है। बाजवा ने कहा कि इस्लाम शांति सिखाता है, लेकिन बलिदान देना और सच्चाई के लिए खड़ा होना भी सिखाता है।