मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निजी स्कूल में पढ़ने वाला छात्र आयुष एक बार फिर स्वतंत्रता दिवस के लिए तैयार है। इसकी तैयारी स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने की नहीं है, बल्कि जेल में बंद कैदियों को आजाद कराने की है। दरअसल, आयुष अपनी स्कॉलरशिप के पैसे से कैदियों का जुर्माना भर कर उन्हें रिहा करवाता है।

तीन साल में 27 कैदियों की रिहाई
आपको बता दें कि भोपाल में रहने वाला छात्र आयुष अभी 11वीं कक्षा में पढ़ता है और वो बीते तीन साल मे अपने स्कॉलरशिप के पैसे से लगभग 27 कैदियों को रिहा करवा चुका है। जिसमें से 15 भोपाल के और 12 इंदौर के कैदी थे। आयुष ने इस सभी की रिहाई के लिए 60 हज़ार रुपए की जमानत दी। आयुष इस बार भी स्वतंत्रता दिवस पर 2 और कैदियों को रिहा कराने वाला है। आपको बता दें कि आयुष जेल प्रशासन से संपर्क कर ऐसे कैदियों की जानकारी लेता है जिनकी सजा तो पूरी हो गई है पर उसके व परिवार के पास जुर्माना भरने के पैसे नहीं है। ऐसे कैदियों को आयुष 26 जनवरी, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर को रिहा करवाता है।

रिहाई के बाद गुलदस्ता और मिठाई
कैदियों को रिहा कराने के बाद आयुष उन्हें गुलदस्ता और मिठाई का डिब्बा देता है। उन्हें शपथ दिलाता है कि वो भविष्य में दोबारा कोई गलत काम नहीं करेंगे। आयुष की मानें तो जिन अपराधियों को उनके किए की सजा मिल चुकी है और उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया है ऐसे अपराधियों को रिहाई दिलवाने में कोई बुराई नहीं।

मां से मिली आयुष को प्रेरणा, शुरु की अनोखी पहल
वहीं, आयुष बताता है कि इस काम की प्रेरणा उसे पुलिस प्रशासन में पदस्थ अपनी मां से मिली है। आयुष के अनुसार उसकी मां उनके हर जन्मदिन पर एक दिव्यांग बच्चे का ऑपरेशन करवाती है, मां के इस काम को देखकर ही उसे लोगों की मदद करने की प्रेरणा मिलती है।