बारिशों से अदब-ए-मोहब्बत सीखो फराज,अगर ये रूठ भी जाएं, तो बरसती बहुत हैं। अखबार ने सूबे में बाढ़ के हालातों पर दांव खेला हे लेकिन दिल खुश किया टॉप बॉक्स ने जहां शहीद की पत्नी हथेलियों पर चला कर गृहप्रवेश कराए जाने की खबर हे। ‘नकल करते पकड़े जाने पर छात्र चौथी मंजिल से कूदा’ विदिशा से आई खबर को कायदे से पेले पेज पर जगह दी हे। सिटी पेजों पर खबरें हमेशा की तरह रुटीन टाइप हें। यहां भी रिपोर्टर अभी आराम तलबी के मूूड में ही दिखे।