आजकल अधिकतर महिलाएं घर के कामकाज के साथ-साथ वर्किंग भी हो चुकी हैं। घर और ऑफिस के काम में बिजी होने के कारण किसी औरत के पास जिम जाने का वक्त नहीं, ऐसे में तोंद यानी बैली फैट निकलना लाजिमी हैं। मगर टेंशन तब ज्यादा बढ़ जाती हैं जब बढ़ी हुई तोंद के कारण कई बार फिगर तो बिगड़ी हैं लेकिन शर्मिंदी भी उठानी पड़ जाती हैं। ऐसे में आज हम उन महिलाओं के लिए कुछ बेस्ट योगासन लेकर आए हैं जो घर पर कुछ समय निकालकर इनको करके अपना पेट अंदर कर सकती हैं।

चलिए जानते हैं बैली फैट कम करने वाली बेस्ट योगासान।
पवनमुक्तासन
सबसे पहले बात करते हैं पवनमुक्तासन की जिसे लेटकर किया जाता हैं। पवन का अर्थ वायु और मुक्त का अर्थ निकलने से है। इस आसन को करने से पेट पर बल पड़ता है जिससे पेट में इकट्ठा हो चुकी हवा बाहर निकलती हैं। खास बात हैं कि इससे न सिर्फ बैली फैट कम होता है बल्कि मन को शांति, रीढ़ की हड्डी मजबूत व बॉडी में फ्लेक्सिबिलिटी आती है। अगर आपको कमर, घुटनों या गर्दन में दर्द है, तो इसे न करें और खाने के बाद तो इस आसन को बिल्कुल ना करें।

कपालभाति
अगर आपका पेट ठीक तो सब ठीक और पेट खराब, तो सेहत का गड़बड़ होना तय है। ऐसे में आपको रोजाना कुछ मिनट के लिए कपालभाति का अभ्यास करना चाहिए। इस आसन को करने से पेट तो ठीक रहता है लेकिन बैली फैट भी तेजी से कम होता है। इसके अलावा इससे चेहरे पर निखार भी बढ़ता है। मगर जिन्हें उच्च रक्तचाप या फिर ह्रदय रोग हो, उन्हें कपालभाति नहीं करना चाहिए। मिर्गी, हर्निया व सांस के मरीजों को भी इसे नहीं करना चाहिए।

अर्धचक्रासन
पेट कम करने के लिए यह योगासन सबसे बेस्ट है। संस्कृत में अर्ध का मतलब होता है आधा और चक्र का मतलब पहिया। यह आसन करते हुए शरीर की मुद्रा आधे पहिए जैसी नजर आती है, इसलिए यह अर्धचक्रासन कहलाता है। इसको एक समय में करीब 3 से 4 बार करने से बैली फैट कम होता है साथ ही शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित रहता है। कमर और गर्दन दर्द भी दूर होता है। जिन्हें स्लिप डिस्क या फिर साइटिका की समस्या है वो किसी एक्सपर्ट की निगरानी में यह योगासन करें।

पादहस्तासन
यह योग करते समय हाथों को जमीन पर पैरों के साथ सटा कर रखा जाता है। इस आसन को करते हुए पेट व उसके आसपास दबाव पड़ता है, जिससे वहां जमा चर्बी कम होने लगती है। इसके अलावा करीब 3 से 4 बार ऐसा करने से पीठ, कूल्हों और जांघों में खिंचाव महसूस होता है, जिससे वो मजबूत बनते हैं। अगर आप लगातार सिरदर्द या अनिद्रा से परेशान है तो भी यह आसन आपके लिए बेस्ट है।

त्रिकोणासन
इस आसन को करते समय शरीर त्रिकोण जैसी मुद्रा में आ जाता है। नियमित इसका अभ्यास करने से कमर व पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है। जहां इस आसन को करने में शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है, वहीं इससेफेफड़े भी स्वस्थ रहते हैं। मगर ध्यान रहें कि ब्लड प्रेशर अधिक या कम होने पर इस योगासन को न करें। इसके अलावा स्लिप डिस्क या एसिडिटी की समस्या होने पर भी इसको करने से बचें।

ताड़ासन
पेट कम करने के लिए यह योगासन भी काफी लाभदायक माना जाता है। इसको करने से शरीर में खिंचाव महसूस होता है जिससे सही ब्लड सर्कुलेशन होता है। 6 से 20 की आयु वाले लोगों को इसका अभ्यास जरूर करना चाहिए क्योंकि इससे शरीर सुडौल बनता है। मगर ध्यान रहें कि लो ब्लड प्रेशर के मरीज या गर्भवती महिला को इसको करना से बचना चाहिए।

पार्श्वकोणासन
पार्श्वकोणासन नियमित रूप से करने से ना सिर्फ बैली फैट कम होता है बल्कि इससे कमर व जांघों की चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा पार्श्वकोणासन पाचन तंत्र को बेहतर कर कब्ज व एसिडिटी से भी राहत दिलाता है। अगर आपके घुटनों व कमर में तेज दर्द है तो इसे न करें। साथ ही साइटिका से ग्रस्त महिला को इस आसन को किसी एक्सपर्ट की देखरेख में करना चाहिए।