इस्लामाबाद: कश्मीर से अनुच्छेद 370  हटाने से झल्लाए पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना की ओर से कथित संघर्षविराम उल्लंघन को लेकर सोमवार को भारतीय उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया को तलब किया। अहलूवालिया को एक सप्ताह के भीतर चौथी बार तलब किया गया है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि दक्षिण एशिया और दक्षेस मामलों के महानिदेशक मोहम्मद फ़ैसल ने ‘‘हॉट स्प्रिंग और चिरिकोट सेक्टरों में 18 अगस्त को अकारण किए गए संघर्षविराम उल्लंघन की निन्दा की।'' विदेश कार्यालय ने दावा किया कि गोलीबारी में दो बुजुर्ग व्यक्ति मारे गए और सात वर्षीय एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

फ़ैसल पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं में यह अभूतपूर्व बढ़ोतरी वर्ष 2017 से जारी है। भारतीय बलों ने संघर्षविराम का 1,970 बार उल्लंघन किया।'' फ़ैसल ने कहा कि आम नागरिकों की आबादी वाले इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाना निन्दनीय है और यह मानव मर्यादा, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों और मानवाधिकार कानूनों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन किए जाने से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा है तथा इसका नतीजा सामरिक भूल के रूप में निकल सकता है।

विदेश कार्यालय के अनुसार, फ़ैसल ने भारतीय पक्ष से 2003 में हुए संघर्षविराम समझौते का सम्मान करने, संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं की जांच करने, भारतीय बलों को संघर्षविराम का सम्मान करने का आदेश देने तथा नियंत्रण रेखा एवं कार्यशील सीमा पर शांति बनाए रखने को कहा। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह के भीतर यह चौथी बार है जब अहलूवालिया को तलब किया गया है। इससे पहले उन्हें कथित संघर्षविराम उल्लंघन पर 14, 15 और 16 अगस्त को तलब किया जा चुका है।