भोपाल: सीएम कमलनाथ की कैबिनेट बैठक बुलाई सम्पन्न हुई है। इस बैठक में चर्चा के बाद कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में बिजली, मिलावट और निजी मदरसों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था समेत तकरीबन एक दर्जन प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

  1. सीधी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा संबंधी संशोधन आदेश का अनुसमर्थन किया गया। अब सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष एवं आरक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष होगी। परंतु मध्य प्रदेश रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना आवश्यक है।
  2. मध्य प्रदेश तिलहन संघ के कर्मचारियों की अन्य विभागों में संविलियन सीमा की अवधि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2019 कर दिया गया है।
  3. लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 में आवश्यक संशोधन के लिए मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह एवं वित्त मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की स्थाई समिति का गठन किया गया।
  4. वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कार्य की सुगमता के लिए महाराष्ट्र में बनाया गया सॉफ्टवेयर वन मित्र खरीदने की स्वीकृति दी गई।
  5. मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति साहूकारी विनिमयन आदेश में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। उसके अनुसार अब साहूकारों के लिए लाइसेंस शुल्क 5000 होगा तथा बिना लाइसेंस के कार्य करने पर सजा की अवधि 6 माह से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है।
  6. कैबिनेट ने प्रदेश में संचालित मान्यता प्राप्त मदरसों एवं जिन्होंने मान्यता के लिए आवेदन दिया है, सभी मदरसों में मध्यान भोजन देने की अनुमति प्रदान की।
  7. प्रदेश में मिलावट के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अब एक अभियान शुद्ध के लिए युद्ध व्यापक पैमाने पर प्रदेश में चलाया जाएगा।
  8. बिजली मंत्री ने बताया कि प्रदेश में इंदिरा गृह ज्योति योजना का विस्तारीकरण किया गया है। अब 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 100 रुपए मासिक बिल तथा सौ से डेढ़ सौ यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 100  यूनिट तक 100 रु तथा उसके बाद 50 यूनिट का बिल सामान्य दर पर मिलेगा। 150 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को पूर्व अनुसार सामान्य दरों पर बिजली का बिल प्राप्त होगा। अब योजना सभी वर्गों के लिए लागू कर दी गई है। इससे प्रदेश में पूर्व में छप्पन लाख से बढ़कर अब 1 करोड़ एक लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

मदरसों में भी मध्यान्ह भोजन
कमलनाथ सरकार ने एक अन्य प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मदरसों में भी मध्यान्ह भोजन देने का फैसला लिया है। जिसके तहत अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग इसकी व्यवस्था बनाएगा।अभी प्रदेश के एक लाख 13 हजार स्कूलों के 45 लाख से ज्यादा बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में लगभग साढ़े पांच हजार अनुदान प्राप्त व गैर अनुदान प्राप्त मदरसे हैं। मध्यान्ह भोजन की सुविधा फिलहाल अनुदान प्राप्त मदरसों में दी जा रही है।