नई दिल्ली: क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने रवि शास्त्री को भारतीय टीम के मुख्य कोच के तौर पर बरकरार रखा है. रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद बाकी कोचिंग स्टाफ की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. सपोर्ट स्टाफ को चुनने की जिम्मेदारी एम.एस.के. प्रसाद की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय सीनियर चयन समिति पर है. समिति ने सोमवार से प्रक्रिया शुरू कर दी है और गुरुवार तक वह सपोर्ट स्टाफ के नामों का ऐलान कर देगी.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारी ने कहा कि बोर्ड पूरी प्रक्रिया के खत्म होने तक का इंतजार करेगा उसके बाद घोषणा करेगा. अधिकारी ने कहा, "इस प्रक्रिया की शुरुआत आज (सोमवार) से हो गई है और यह गुरुवार तक जारी रहेगी. सपोर्ट स्टाफ का ऐलान गुरुवार को किया जाएगा. एक बार में एक नाम उजागर करने का कोई मतलब नहीं है."

कोच को चुनने वाली सीएसी चाहती थी कि सपोर्ट स्टाफ भी वही चुने लेकिन अगर प्रशासको की समिति (सीओए) सीएसी को यह जिम्मेदारी देती तो यह बोर्ड के नए संविधान का उल्लंघन होता. बीसीसीआई के नए संविधान के मुताबिक, मुख्य कोच को चुनने की जिम्मेदारी सीएसी की है जबकि सपोर्ट स्टाफ को चुनने का जिम्मा चयन समिति पर है.

इनका बने रहना तय
सपोर्ट स्टाफ की बात की जाए तो गेंदबाजी कोच भरत अरुण का बने रहना तय है. उनके रहते टीम एक मजबूत गेंदबाजी ईकाई बनी है. वहीं फील्डिंग कोच आर. श्रीधर के भी टीम के साथ बने रहने की संभावनाएं हैं. शास्त्री ने कई बार कहा है कि टीम की फील्डिंग बेहतरीन है. श्रीधर के बने रहने का मतलब है कि जोंटी रोहड्स को खाली हाथ लौटना पड़ सकता है.

बल्लेबाजी कोच के स्थान पर जरूर बदलाव देखा जा सकता है. मौजूदा बल्लेबाजी कोच संजय बांगर का जाना तय माना जा रहा है और इसकी वजह नंबर-4 के लिए उपुयक्त बल्लेबाज न खोज पाना. पूर्व चयनकर्ता विक्रम राठौर और पूर्व बल्लेबाज प्रवीण आमरे ने बल्लेबाजी कोच के लिए आवेदन दिया है. अब देखना होगा कि किसके हिस्से यह जिम्मेदारी आती है.