राजनीति का ‘अपराजित’ सितारा... अस्त, तीन दिन राजकीय शोक
भोपाल, ब्यूरो।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर का आज सुबह भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 89 वर्षीय बाबूलाल गौर की मंगलवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। उनका ब्लड प्रेशर कम होने के साथ पल्स रेट भी गिर गया था। बाबूलाल गौर की किडनी पूरी तरह काम नहीं कर रही थी। उनके निधन से प्रदेश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने उनके निधन को प्रदेश के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। राज्य शासन ने गौर के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। आधे दिन का पूरे प्रदेश में आज शासकीय अवकाश भी घोषित किया गया है। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सात अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की अचानक तबियत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार रात से उनकी तबियत और बिगड़ गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

मजदूर से मुख्यमंत्री का सफर...
इन गुणों से याद रहेगा गौर का व्यक्तित्व

दूरदृष्टि - बाबूलाल गौर ने अपने राजनीतिक जीवन में कई अहम पदों पर दायित्व निभाया। विधायक, मंत्री, नेताप्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कई ऐसे निर्णय लिया जो मील का पत्थर साबित हुए। भोपाल में वीआईपी रोड गौर साहब की ही देन है।

सहजता: गौर साहब मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी आम लोगों और अपने कार्यकर्ताओं के लिए उसी तरह सहज रहे जैसे अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन में।

विनम्रता: राजनीतिक जीवन में कई बार उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी विनम्रता का दामन नहीं छोड़ा।

अजातशत्रु: गहरे राजनीतिक मतभेदों के बाद भी बाबूलाल गौर के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मधुर संबंध थे। व्यक्तिगत रूप से सभी दलों के नेता उनका आदर करते थे।

अपराजित: बाबूलाल गौर भारतीय राजनीति में ऐसे इकलौते नेता हैं, जिन्होंने लगातार एक ही क्षेत्र से 9 बार चुनाव जीता है। जबकि वे कुल 10 चुनाव जीते हैं।

कुशल प्रशासक - गौर जितने नर्म दिल थे प्रशासनिक मामलों में उतने ही सख्त थे। नगरीय प्रशासन मंत्री रहते उन्होंने भोपाल में अवैध अधिक्रमण को हटाया, इसके बाद से उन्हें ‘बुल्डोजर मैन’ भी कहा गया।

मोदी बोले... जनसंघ के जमाने से करते रहे BJP को मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबूलाल गौर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, बाबूलाल गौर जी का लम्बा राजनीतिक जीवन जनता-जनार्दन की सेवा में समर्पित था। जनसंघ के समय से ही उन्होंने पार्टी को मजबूत और लोकप्रिय बनाने के लिए मेहनत की। मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे।

सारा जीवन किया प्रदेश के विकास को समर्पित: नड्डा
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि जनसंघ काल के वरिष्ठ नेता, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर जी के निधन से मन व्यथित है। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मध्यप्रदेश के विकास को समर्पित किया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति: शांति: शांति:

उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा:राजनाथ सिंह
भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। मध्यप्रदेश में संगठन को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति दे।  

CM नाथ बोले... मुद्दों पर समझौता नहीं, गौर पार्टी लाइन से हट कर भी बोले
सीएम कमलनाथ बाबूलाल गौर के अंतिम दर्शन करने के लिए उनके बंगले पर पहुंचे। नाथ ने कहा कि प्रदेश ने एक ऐसे नेता को खो दिया जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सर्वमान्य नेता थे। भोपाल के विकास के लिए उनकी चिंता हमेशा रहती थी। उनका जनता से बतौर सेवक का जीवंत संपर्क था, जनहित के मुद्दों पर वे कोई समझौत नहीं करते थे। वे एक बेबाक स्पष्टवादी नेता थे। प्रदेश के लिए यह बड़ी क्षति है।

मेरे दिल के करीब रहे गौर
बाबू लाल गौर जी के देहांत से मुझे गहरा दुख हुआ। राजनीतिक जीवन में हम दो ध्रुवों पर रहे लेकिन व्यावहारिक रूप से वो मेरे दिल के बेहद करीब थे। जब भी मिले पूरी गर्मजोशी के साथ मिले। जो भी किया पूरी ईमानदारी से किया। गौर साहब के जाने से मैंने एक राजनीतिक साथी खो दिया। श्रद्धांजलि !