गौर साब के इंतकाल पर खबर की पेशकश औरों से हटकर रही। हेडिंग मुलाहिजा कीजिए-मौत से आंख मिलाकर कह सकते थे सिर्फ  गौर...जिंदगी एक बार और। सुमित्रा महाजन का संस्मरण और उनके बुलडोजर लाल क हलाने और ऐसा बदला नाम और उनके जीवन के  संघर्ष को बयां करती खबर पूरी शिद्दत से आई। अंदर के दो सफों पे भी गौर साब पे भरपूर सामग्री है। बाकी बड़े तालाब में रोज मिलने वाले सीवेज वाली खबर लपक आई।