लंदनः ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन बृहस्पतिवार को पेरिस पहुंचे जहां वह फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करके ब्रेग्जिट पर वार्ता करेंगे। इससे एक ही दिन पहले जर्मनी ने ब्रिटेन को आशा की किरण दिखाई थी कि ‘‘बिना समझौते'' के ब्रेग्जिट से बचने के लिए किसी समझौते पर पहुंचा जा सकता है। जॉनसन प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के दूसरे चरण में एलिसी भवन में मैक्रों से मुलाकात करेंगे। वह यह संदेश देंगे कि यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की प्रक्रिया के तत्वों पर फिर से बात होनी चाहिए।

जॉनसन के लिए जर्मनी के मुकाबले फ्रांस में इस मामले पर बात करना मुश्किल होगा। मैक्रों ने बुधवार को जॉनसन की मांग खारिज कर दी थी कि ईयू आयरिश सीमा पर वार्ता फिर से आरंभ करे। मैक्रों ने कहा था कि ईयू हमेशा इस बात को लेकर स्पष्ट रहा है कि वह सहमत नहीं होगा। तीनों यूरोपीय नेता सप्ताहांत पर फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में कनाडा, इटली एवं जापान के नेताओं और ब्रेग्जिट एवं जॉनसन के मुखर समर्थक एवं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे।

जॉनसन इस पर अडे हुए हैं कि वह उस ‘‘बैकस्टॉप'' सीमा योजना को स्वीकार नहीं करेंगे जिस पर ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री थरेसा मे के कार्यकाल में सहमति बनी थी। उन्होंने चेताया था कि ब्रिटेन 31 अक्टूबर को इयू से बाहर हो जाएगा, भले ही इससे आर्थिक उथल-पुथल भी क्यों न हो। बैकस्टॉप योजना यूरोपीय संघ के सदस्य आयरलैंड और ब्रिटिश प्रांत उत्तरी आयरलैंड के बीच सीमा को खुला रखने का तंत्र है। आलोचकों का कहना है कि यह योजना ब्रिटेन को अस्थायी रूप से ईयू सीमा शुल्क संघ में रखेगी।