नई दिल्‍ली : जी-7 सम्‍मेलन के लिए फ्रांस गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वहां के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. इस दौरान फ्रांस के राष्‍ट्रपति मैक्रों ने जम्‍मू-कश्‍मीर से मोदी सरकार द्वारा अनुच्‍छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया. उन्‍होंने कहा कि कश्‍मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरे देश के दखल की कोई जरूरत नहीं है. यह भारत और पाकिस्‍तान का द्विपक्षीय मुद्दा है.

#WATCH: France President Emmanuel Macron says, "PM Modi told me everything about Kashmir & the situation in J&K. I said Pakistan & India will have to find a solution together & no third party should interfere or incite violence." pic.twitter.com/rU7GW62pqt

— ANI (@ANI) August 22, 2019

फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह जरूरी है कि जम्‍मू और कश्मीर में शांति कायम रहे. हम हमेशा शांति चाहते हैं. उन्‍होंने कहा, 'मैं कुछ दिनों बाद पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान से बातचीत करूंगा और उनसे कहूंगा कि इस मुद्दे पर बातचीत द्विपक्षीय ही रहनी चाहिए.'

France President Emmanuel Macron in a joint statement with PM Modi: It's important that peace is maintained there (J&K). We would always want peace & dialogue. I will talk to Pakistan PM as well after a few days & say that the talks should be held at bilateral level only https://t.co/xgZ2f93pfU

— ANI (@ANI) August 22, 2019

फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद आतंकवाद की लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने की बात कही. उन्होंने कहा कि आतंकवाद की लड़ाई में फ्रांस हमेशा भारत के साथ खड़ा है. भारत और फ्रांस हर हालात में साथ-साथ खड़े हैं. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्‍ती भाईचारे पर आधारित है. पीएम मोदी ने कहा कि हम फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से पहला विमान मिल जाने पर काफी खुश हैं. फ्रांस पहला देसा देश है जिसके साथ हमने सिविल न्‍यूक्लियर समझौते साइन किए हैं.

फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने क‍हा कि हमने पीएम मोदी के साथ डिजिटल, साइबर सेक्‍योरिटी, और अफ्रीका जैसे मुद्दों पर बातचीत की. हम इन सारे मुद्दों पर साथ काम करेंगे. उन्‍होंने पुलवामा हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 14 फरवरी पुलवामा में जो कुछ भी हुआ उसके लिए संवेदना प्रकट करता हूं. उन्‍होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद पर साथ काम करेंगे. रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच जो सामंजस्‍य है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि हममे कितना विश्‍वास है.