संयुक्त राष्ट् : संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर एक लंबी बहस चल रही है. अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता पर चीन और पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई.वहीं ब्रिटेन, कनाडा ने भी धार्मिक भेदभाव को लेकर पाकिस्तान और चीन को आड़े हाथों लिया.

#WATCH United States, United Kingdom & Canada, at UN meet on Safety of Religious Minorities, in New York, slam Pakistan & China for discrimination against religious minorities. pic.twitter.com/tuSX5fTLls

— ANI (@ANI) August 23, 2019

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अमेरिकी दूत सैम ब्राउनबैक ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं से पीड़ित हैं. साथ ही चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर व्यापक और अनुचित प्रतिबंध बढ़ाए जा रहे हैं, इसे लेकर हम चितिंत हैं.

Sam Brownback, US Ambassador-at-Large for International Religious Freedom, at UN meet on Safety of Religious Minorities, in New York: We urge the Chinese government to respect the human rights & fundamental freedoms of everyone in that nation. https://t.co/XR8ZmPgiqE

— ANI (@ANI) August 23, 2019

अमेरिकी दूत सैम ब्राउनबैक ने कहा कि हम चीनी सरकार से उस राष्ट्र में सभी के मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करने का आग्रह करते हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया भर के देशों से धार्मिक नफरत खत्म करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम के खिलाफ घृणा, ईसाइयों और अन्य धार्मिक समूहों के उत्पीड़न की भावना को खत्म किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यहूदियों की हत्या कर दी गई थी. मस्जिदों  में मुस्लिमों को मारा जा रहा है. उनके धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है. वहीं  ईसाइयों को मारा जा रहा है और उनके चर्चों में आग लगाई जा रही है.

एंटोनियो गुटेरेस ने धार्मिक आधार पर हिंसा शिकार होने वाले के लिए मनाए जाने वाले गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर यह बात कही. उन्होंने धर्म आधारित हमलों को रोकने और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं उन्हें दंडित किए की मांग की. उन्होंने धार्मिक धार्मिक घृणा फैलाने वालों का बहिष्कार किए जाने की अपील की.