आज खां एक अच्छी खबर नवदुनिया के मुताल्लिक हेगी अपने कने। भां पे क्या था साब, कुछ पत्रकार आॅनरोल हुआ करते थे तो कुछ आॅफ रोल। आॅन रोल वाले मतलब मैनेजमेंट के प्यारे या जिनें थोड़ी सहुलतें ज्यादा मिलतीं हैं। दरअसल आॅन रोल वालों को नवदुनिया में परमानेंट माना जाता है जबकि आॅफ रोल वाले अपने को थोड़ा कमतर मानते थे। बाकी जागरण नई दिल्ली के टॉप मैनेजमेंट ने इस ऊंच नीच को खतम कर दिया है। खबर है कि नवदुनिया भोपाल के करीब दर्जन भर आॅफ रोल पत्रकारों को अब आॅनरोल कर दिया गया है। आॅफरोल वालों को उनके ई-मेल पे बाकायदा आॅफर लेटर भेजा गया है। कुछ दिन बाद ही इन्हें अपाइंटमेंट लेटर भी मिल जाएगा। अब ये पत्रकार डेली वेजेस वालों की तरह अटेंडेंस रजिस्टर में साइन नहीं करेंगे। ये लोग भी अब आॅनरोल की तरह मशीन में कार्ड पंच करेंगे। दूसरा बड़ा फायदा ये होएगा के इनका भी पीएफ कटेगा। हेल्थ बीमा कार्ड बनेगा जिससे बीमारी का केशलेस पेमेंट किया जा सकेगा। जागरण एचआर ने इनके सारे डाक्यूमेंट जमा कर लिए हैं। इस फैसले से भाई लोगों में छाई मायूसी दूर हो गई है। मुबारक हो साब।