नई दिल्ली: ईडी ने शुक्रवार को FEMA के तहत जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के दिल्ली और मुंबई में 12 ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी को सूचना मिली थी कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल की 19 कंपनियां है जिनमें से 14 भारत में और 5 विदेश में है.

इन कंपनियों के जरिए नरेश गोयल ने काफी सारे लेन-देन ऐसे किए जो बेचने और आगे डिस्ट्रीब्यूशन के नाम पर थे, इसके लिए जो कमिशन दिए गए और जो दूसरे खर्चे दिखाए गए वे सभी इसलिए थे जिससे नुकसान दिखाया जा सके. नरेश गोयल ने जेट एयरवेज की एयरक्राफ्ट डील शैल कंपनियों के साथ की जो विदेशों में थी, उन कंपनियों में लीज़ रैन्ट के नाम पर पैसे भेजे गए और फिर वो पैसा अपने खाते में भेज दिए गए.

नरेश गोयल एनआरआई हैं और 1993 में जेट एयरवेज खोलने से पहले उन्होंने 1992 में टेल विंड्स कॉरपोरेशन ( M/s Tail Winds Corporation) नाम से एक कंपनी खोली थी और यही कंपनी जेट एयरवेज के खातों को देखती थी.

ईडी ने इस मामले में हंसमुख दीपचंद गर्दी के यहां भी छापेमारी की है. हसंमुख ने नरेश गोयल की कंपनी टेल विंड्स में भारी निवेश किया थे और नरेश गोयल का पार्टनर बन गया था. हसंमुख का नाम पनामा पेपर में भी आया था, और दावा किया गया था कि हसमुंख ने टेल विंड्स में जो पैसा लगाया है वह अवैध तरीके से कमाया गया था. हंसमुख दीपचंद दुबई में रहता है.