राजौरी: अनुच्छेद-370 हटने के बाद जम्मू -कश्मीर में अमन देख पाकिस्तान हताश हो चुका है। माहौल बिगाडऩे की पाकिस्तान की हर कोशिश पर पानी फिर चुका है। कश्मीर में खूनखराबा करने के लिए पाक सरकार, सेना और आतंकी संगठन एकजुट होकर साजिशें रच रहे हैं। पाक की खुफिया एजैंसी ने गुलाम कश्मीर में तत्काल दर्जनभर आतंकी शिविरों को फिर सक्रिय कर दिया है। आतंकियों की बड़ी फौज सीमा पर घुसपैठ करने के लिए तैयार की है।

इसके चलते अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर रोज गोलाबारी हो रही है। जैश-ए-मुहम्मद, लश्कर और तालिबान के 200 आतंकी कथित तौर पर कोटली के पास फागूश और कुंड शिविरों और मुजफ्फराबाद क्षेत्र में शवाई नल्लाह और अब्दुल्ला बिन मसूद शिविरों में जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं  जैश-ए-मुहम्मद आतंकी संगठन के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर का भाई इब्राहिम अतहर भी पिछले कुछ दिनों से गुलाम कश्मीर में देखा जा रहा है। यह लगातार फिर से सक्रिय हुए आतंकी शिविरों का दौरा कर घुसपैठ के लिए तैयार आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार कर रहा है। ऐसे में ये आतंकी किसी भी समय घुसपैठ कर सकते हैं।
 
पाक सेना ने विशेष कमांडो स्पैशल सर्विस ग्रुप (एस.एस.जी.) के कमांडो को सीमा के करीब तैनात कर दिया है। उड़ी हमले के बाद जब भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी तो उस समय पाक सेना ने एस.एस.जी. कमांडो को सीमा के करीब तैनात कर दिया था। इन्होंने ही स्नाइपर शॉट के जरिए कई भारतीय जवानों को शहीद किया है। इसके बाद पाक ने सीमा से अपने एस.एस.जी. कमांडो की संख्या को कम कर दिया था, लेकिन 370 हटने के बाद फिर से इनकी संख्या बढ़ा दी है। इसके अलावा इन्हें बड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, ताकि भारतीय क्षेत्र में अधिक से अधिक नुक्सान हो सके। पाक की ओर से बैट एक्शन टीमों, जिन्हें बॉर्डर एक्शन टीम कहा जाता है, को फिर से सीमा पर सक्रिय कर दिया है।