कान छिदवाना आज एक फैशन बन चुका है लेकिन हिंदु शास्त्रों में कान छिदवाना एक परंपरा है। वहीं विज्ञान व मेडीकल के अनुसार कान छिदवाना न केवल एक परंपरा बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होता है। यह जितना महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है उतना ही पुरुषों के लिए फायदेमंद होता है। यह एक तरह से एक्यूप्रेशर का काम करता है जिसमें आप अपने कान की नसों को प्रेस करते है। चलिए आज आपको बताते है कि कान छिदवाने से किस तरह आपकी सेहत पर असर डलता है।

टाइम पर आते है पीरियड्स
महिलाओं को हर पीरियड्स आते है लेकिन कुछ महिलाओं को लाइफस्टाइल में बदलाव के कारण समय पर पीरियड्स नही आते है। ऐसे में कान के बाहरी भाग के केंद्र में छेद करवाने से महिलाओं में पीरियड्स संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। इतना ही नही यह प्रेग्नेंसी में भी काफी फायदेमंद होती हैं।

ब्रेन
छोटी ही उम्र में बच्चों के कान छिदवाने से उनके दिमाग का सही विकास होता है। इसके लिए कान के बाहरी हिस्से के मध्य प्वाइंट में छेद करवाना चाहिए। यह प्वाइंट ब्रेन के लेफ्ट हेमिस्फियर को राइट हेमिस्फियर से जोड़ने का काम करता है। इस जगह पर छेद करवाने से दिमाग हमेशा हेल्दी रहता है। यह एक एक्युप्रेशर थेरेपी हैं।

आंख
जब कान के अंदर सेंटर में छेद करवाते है तो आपकी आंखों की रोशनी बढ़ती है। इससे आपकी आंखें भी स्वस्थ रहती हैं।

सुनने
आंखों के साथ इससे आपके सुनने की क्षमता भी बढ़ती है। कान के विभिन्न प्वाइंट जब प्रेस होते है तो इनका ऐक्युप्रेशर होता है।