नई दिल्ली : आर्थिक मोर्च पर आलोचनाओं का सामना कर रही है मोदी सरकार शनिवार को कुछ बड़े फैसले कर सकती है. दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार दोपहर के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही है. माना जा रहा है कि अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए वह अहम घोषणाएं कर सकती हैं.

इससे पहले 30 अगस्त को भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों के विलय से चार बड़े बैंक बनाने की घोषणा के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सरकारी बैंकों  के प्रशासन में सुधार की घोषणाएं की. बता दें 30 अगस्त को केंद्र सरकार ने सुधारों को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को 10 सरकारी बैंकों (पीएसबी) को मिलाकर चार बैंक बनाने की घोषणा की है. इसमें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक में मिला दिया जाएगा.

Press Conference by Union Finance Minister @nsitharaman to announce important decisions of the government.

⏰: 2:30 PM, Tomorrow

📍: National Media Centre, New Delhi

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— PIB India (@PIB_India) September 13, 2019

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, केनरा बैंक और सिंडीकेट बैंक का विलय किया जाएगा, जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को मिलाकर एक बैंक बनाया जाएगा. इसी प्रकार से, इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक को मिलाकर एक बैंक का गठन किया जाएगा. वित्तमंत्री ने आगे कहा कि बैंक ऑफ इंडिया और सेंटल बैंक ऑफ इंडिया बरकरार रहेंगे. इस विलय प्रक्रिया के बाद देश में केवल 12 सरकारी बैंक बचेंगे, जबकि अब तक इनकी संख्या 27 थी.

इस विलय के बाद पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा, जिसका कुल कारोबार 17.5 लाख करोड़ रुपये का होगा. वहीं, केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक को मिलाकर बनाया गया बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा, जिसका कुल कारोबार 15.20 लाख करोड़ रुपये होगा.