भोपाल : मध्य प्रदेश के भोपाल में शुक्रवार को गणपति विसर्जन के दौरान नाव के पलट जाने से 11 लोगों की डूबकर मौत हो गई. यह हादसा राज्य पुलिस मुख्यालय (PHQ) और राज्य आपदा बचाव दल (SDRF) के पास निचली झील के खटलापुरा घाट पर तड़के करीब 4.30 बजे हुआ. जिसके बाद अब इस मामले ने प्रशासन को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. हादसे के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कई बड़े अधिकारियों के निलंबन की भी मांग की है.

मंत्री पीसी शर्मा ने खटलापुर गणेश विसर्जन हादसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर हादसे को प्रशासन की लापरवाही करार दिया है और डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार और नायाब तहसीलदार सहित पुलिस के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने खटलापुर घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के निलंबन के साथ ही हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देने की मांग की है. बता दें भोपाल के खटलापुर घाट में गणेश विसर्जन के दौरान संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई, जिससे नाव में सवार 18 लोग डूब गए, जिनमें से 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई.

सूचना मिलने पर आनन-फानन पुलिस प्रशासन, नगर निगम, होमगार्ड, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. वहीं नाव हादसे में फरियादी निर्मल कुमार दास पिता दिलीप कुमार दास निवासी 1100 क्वाटर पिपलानी की रिपोर्ट पर नाव चलाने वाले (नाविक) आकाश बाथम और चंगू बाथम के खिलाफ थाना जहांगीराबाद में अपराध क्रमांक 1033/19 IPC की धारा 304(A) का पंजीबद्ध किया गया है.

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खटलापुर नाव हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवार को 11-11 लाख मुआवजा राशि देने का ऐलान किया है. बता दें राज्य सरकार की तरफ से पहले मृतकों के परिजनों के 4-4 लाख मुआवजा राशि देने का ऐलान किया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 11 लाख कर दिया गया, जिसके बाद हादसे में जान गंवाने वाले सभी युवकों के परिवार को 11 लाख का मुआवजा दिया जाएगा.