मुंबई : केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जम्मू कश्मीर की हालत के लिए जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार हैं.  उन्होंने कश्मीर को हमेशा से अलग-थलग रखने का प्रयास किया. जबकि सरदार पटेल कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे में रखने के पक्षधर थे. केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत फैसले और गृहमंत्री अमित शाह के इच्छा शक्ति के आगे कश्मीर में अब शेष भारत के समान कानून लागू हुआ है.

कश्मीर से धारा 370 हटाने के मामले पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं सरदार पटेल को सेल्यूट करना चाहता हूं, क्योंकि उन्होंने देश की 565 रियासतों को मिलाया. लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कश्मीर राज्य को भारतीय कानून से अलग रखा.

उन्होंने कहा, 'सरदार पटेल हमेशा से कश्मीर को भारत की मुख्य धारा से जोड़ने रखने के पक्षधर थे. लेकिन आज़ादी के तत्काल बाद नेहरू नहीं माने और कश्मीर को धारा 370 के भरोसे सौंपकर सालों तक इस अनुच्छेद का दुरुपयोग होने दिया गया. यहां तक कि वहां पर बाल विवाह कानून भी लागू नहीं होने दिया .

केंद्रीय कानून मंत्री ने यह भी कहा कि आजादी के बाद कश्मीर में अब तक केंद्र से 16 लाख करोड़ रुपए की सहायता दी गई. लेकिन यह सारा पैसा कश्मीर के विकास के बजाय वहां के कुछ लोगों की जेब में जाता रहा. मुंबई मेँ वकीलो, कानून के जानकारों और कानून के छात्रों को संबोधित करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में यह पहली सरकार है जो कानूनी सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं.