इस्लामाबाद: कश्मीर को लेकर बौखलाए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की बेसिरपैर की गीदड़भभकी जारी है. इमरान खान ने एक बार फिर भारत को परमाणु बम की धमकी दी है. रूस के टीवी चैनल 'रशिया टुडे' को दिए इंटरव्यू में इमरान खान ने कहा है कि कश्मीर को लेकर दो परमाणु ताकत वाले देश आमने सामने हैं. हालांकि इमरान खान ने माना है कि पाकिस्तान भारत के साथ युद्ध में हार सकता है. इमरान ने माना है कि कश्मीर के मसले पर दुनिया से वैसा समर्थन नहीं मिला जैसा मिलना चाहिए था.

अंतिम सांस तक लड़ेगा पाकिस्तान- इमरान खान
इमरान खान ने कहा, "जब दो परमाणु सशस्त्र देश एक पारंपरिक युद्ध लड़ते हैं तो इसकी परिणीति परमाणु युद्ध में होने की पूरी संभावना है. अगर मैं कहूं कि पाकिस्तान पारंपरिक युद्ध में हार रहा हो और अगर एक देश दो विकल्पों के बीच फंस गया है तो आप या तो आत्मसमर्पण करेंगे या अपनी स्वतंत्रता के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे. मुझे पता है कि पाकिस्तान स्वतंत्रता के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगा, जब एक परमाणु संपन्न देश अंतिम सांस तक लड़ता है तो परिणाम भयावह होते हैं."

इमरान ने कहा, "भारत के साथ अब बातचीत की कोई संभावना नहीं है. यदि कश्मीर मुद्दे का समाधान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा नहीं किया जाता है तो यह वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है.'' बता दें कि इमरान खान ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' में अपने एक लेख में और इससे पहले भी कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत के साथ परमाणु युद्ध की धमकी दी थी.

ट्रंप हस्तक्षेप करते हैं तो समाधान हो सकता है- इमरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने की पेशकश के बारे में पूछे जाने पर इमरान ने कहा, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रगुजार हूं, जो दुनिया में सबसे शक्तिशाली हैं. अगर वह हस्तक्षेप करते हैं, गंभीरता से हस्तक्षेप करते हैं, तो यह एक तरीका हो सकता है जिससे आप इसका कोई समाधान निकाल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के माध्यम से कश्मीर पर अप्रत्यक्ष रूप से कोई कदम उठा सकता है.

गौरतलब है कि 16 अगस्त को यूएनएससी में बंद दरवाजे की एक बैठक में अमेरिका, फ्रांस और रूस ने कश्मीर पर भारत का समर्थन किया था, जबकि चीन ने अपने करीबी मित्र पाकिस्तान का समर्थन किया था. 26 अगस्त को फ्रांस के बिआरित्ज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के दौरान ट्रंप कश्मीर पर मध्यस्थता करने की बात से पीछे हट गए थे. इस मुलाकात में मोदी ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि कश्मीर पर भारत किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं चाहता.