भोपाल : महाकाल की नगरी उज्जैन से पशुपतिनाथ महाराज की नगरी मंदसौर के लिए राहत सामग्री भेजी गई है. इस मौके पर मौजूद रहे पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं उज्जैन के सभी भाई-बहनों के इस पुनीत प्रयास के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और प्रदेश के अन्य भाई-बहनों से आग्रह करता हूं कि बाढ़ पीड़ितों की मदद हेतु आगे आएं. मीडिया से बात करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि बाढ़ से किसान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. सरकार से मांग करता हूं कि सोयाबीन का 40 हजार रुपया प्रति हेक्टेयर मुआवजा और कर्जमाफ करें. रबी की फसल की बुआई के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर कर्ज देने की व्यवस्था कराई जाए.

मैं मध्यप्रदेश के अपने सभी भाई-बहनों से आग्रह करता हूँ कि मंदसौर और नीमच में बाढ़ के कारण आई विपदा से लोगों को निकालने के लिए हरसंभव मदद कीजिए। संकट की घड़ी में अपने भाई-बहनों की सहायता करना ही सच्चा मानव धर्म है। अनाज, कपड़े, बर्तन, कंबल जो भी संभव हो, सहयोग कीजिए।

— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) September 17, 2019

शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन से मंदसौर और नीमच के बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए अनाज, बर्तन एवं कंबल से भरा वाहन रवाना कर मीडिया से बात करते हुए उज्जैन के लोगों को धन्यवाद दिया. जनसहयोग से मंगलवार को उज्जैन से मंदसौर और नीमच में दो ट्रक राहत सामग्री भेजी गई है, जिसमें 1120 कंबल, 15-15 लीटर तेल के 150 केन, 5 क्विंटल तुअर दाल, 80 क्विंटल आटा, 2,000 से अधिक आवश्यक दवाइयां, 500 से अधिक बच्चों के लिए स्कूल बैग, कापियां और स्टेशनरी सहित अन्य आवश्यक सामग्री है.

मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दिग्विजय सिंह चर्चा में बने रहने के लिए उलटे-सीधे बयान देते हैं. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि किसी संत ने गलती की है, उसे सजा मिलेगी, लेकिन आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए जीने वाले सभी संतों को बदनाम मत करो.