नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. ममता बनर्जी ने इस दौरान राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से संबंधित एक पत्र भी सौंपा. ममता बनर्जी ने अमित शाह से मुलाकात के बाद मीडिया को बताया, 'मैंने गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्हें बताया कि एनआरसी (NRC) से छूटे हुए 19 लाख लोगों में से कई हिंदी भाषी, बंगाली भाषी और स्थानीय असमी लोग हैं. इसमें कई वास्तविक मतदाताओं को छोड़ दिया गया है. इस पर गौर किया जाना चाहिए. मैंने एक आधिकारिक पत्र भी उन्हें सौंपा है.'

West Bengal CM Mamata Banerjee on her meeting with Union Home Minister Amit Shah: He did not say anything about NRC in West Bengal. I have already clarified my stand that NRC is not needed in West Bengal. https://t.co/XyJEpyk5JY

— ANI (@ANI) September 19, 2019

ममता बनर्जी ने कहा, 'केंद्र में बीजेपी की दोबारा सरकार बनने के बाद हमारी बातचीत नहीं हुई थी. इसलिए गृह मंत्री अमित शाह से मिलने आई थी. सरकार के कामकाज की चर्चा और कुछ संवैधानिक औपचारिकताएं हैं. जिन्हें पूरा करने के लिए यह मुलाकात हुई है.'

पश्चिम बंगाल की सीएम ने बताया कि अमित शाह के साथ बॉर्डर के मुद्दे पर चर्चा हुई, बंगाल की कई सरहद है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री से पश्चिम बंगाल में NRCकोलेकर कोई बात नहीं हुई है. हमने पहले ही कह दिया है कि पश्चिम बंगाल में NRC की जरूरत नहीं है, बिहार में नीतीश कुमार ने भी यही बोला. एनआरसी पर हमारा स्टैंड क्या है, हम पहले भी आपको बता चुके हैं. नीतीश कुमार ने भी बताया है. एनआरसी की वजह से राज्य में सरकारी कार्यक्रम (राशन कार्ड डिजिटाइजेशन) में बाधा पहुंच रही है. नीतीश कुमार ने भी ये बात उठाई है.

ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं तो विश्वास करती हूं कि अमित शाह से मुलाकात का सकारात्मक निर्णय निकलेगा. पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने बुधवार को पीएम मोदी से भी मुलाकात की थी. गुरुवार को उन्होंने कहा कि इस मामले को पीएम मोदी देख रहे हैं.