यहां भी हनी ट्रेप वाली हसीनाओं के मायाजाल की कथा उम्दा पेश हुई। जाहिर है जब भोत सारे बड़े वाले फंसने लगे तो बाकायदा जाल बिछाके इन बाइयों को ही लपेट दिया गया। सफेदपोशों के इस फलसफे पे सुदेश गौड़ ने सटीक टिप्पणी लिखी। इस मामले में काउंटर इंटलीजेंस की कार्रवाई बयां करता आईटम भी सेट हो गया। इस पूरे मामले में हसीनाएं किस तरह शिकार फ ांसती थीं। इसकी कहानी बृजेंद्र ऋषिश्वर की जानदार पेशकश। यहीं पे सियासी और मंत्रालय के गलियारों में हड़कंप वाला आइटम भी उम्दा पेश हो गया। बाकी इस पेज पे अमित और बरखा से दोस्ती तोड़ने लगे लोग और वीडियो बना कर भाई को ठेके दिलाने वाली श्वेता वाली खबर भी भरपूर लगी। कुल मिलाके पूरे मामले का जपाट कवरेज रहा अखबार में। बच्चों को डेंगू से बचाने के लिए फुÞल आस्तीन की ड्रेस वाली खबर सभी के काम की है। मेट्रो के एयरपोर्ट तक विस्तार वाली खबर को अच्छा वैटेज मिला।