कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी तरह के पहले मामले में कारवाई करते हुए तीन चिंपांजी और चार मरमोसेट यानी छोटे बंदरों को को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कारवाई करते हुए अटैच किया है. ये बंदर दक्षिणी अमेरिका में पाए जाते हैं. दरअसल, ये पूरा मामला जानवरों की तस्करी से जुड़ा हुआ है.

कोलकाता पुलिस ने सुप्रदीप गुहा पर कारवाई करते हुए लोकल कोर्ट में मामला दाखिल किया था. आरोप था कि सुप्रदीप के पास प्रतिबंधित जंगली जानवर हैं और वह उनकी तस्करी कर रहा है. वन एवं वन्य जीव विभाग ने भी पुलिस के पास सुप्रदीप गुहा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि गुहा ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये प्रतिबंधित पक्षियों को तस्करी करने की कोशिश की. ये सभी दस्तावेज वाइल्ड लाइफ की तरफ से जारी दिखाए गए थे.

जांच में पता चला कि गुहा एक शातिर तस्कर है जो फर्जी दस्तावेजों के जरिये जानवरों की तस्करी कर रहा था और इन्ही दस्तावेजों के जरिये कस्टम विभाग और वन एवं वन्य जीव विभाग को धोखा देने की कोशिश कर रहा था. सुपरादीप ने कस्टम विभाग और वन एवं वन्य जीव विभाग को भी बरगलाने के लिए अलग-अलग जानकारी दी. इतना ही नहीं जब्त किए गए इन तीनों चिंपांजी को भारत में ही पैदा होना दिखाया और इनके फर्जी दस्तावेज भी दिखाए.  

मामला वाइल्ड लाइफ से जुड़ा था और जानवरों की तस्करी के जरिये पैसे कमाए जा रहे थे, लिहाजा जांच ED को सौंपी गई. ईडी ने मनी लॉ़ड्रिंग के तहत मामला दर्जकर तीन चिंपांजी और चार मरमोसेट को अटैच किया है. अटैच किए गए इन जानवरों की कीमत 81 लाख रुपये है. एक चिंपांजी की कीमत करीब 25 लाख रुपये और एक मरमोसेट की कीमत 1.50 लाख रुपये है. ED ने इन सभी जानवरों को फिलहाल अलीपोर के चिड़ियाघर  में रखा है ताकि इनकी देखभाल अच्छे तरीके से हो, दर्शक इनको देख सकें और चिड़ियाघर की आमदनी भी हो सके.