देश की अर्थव्यवस्था को सुस्ती के दौर से उबारने के लिए सरकार ने शुक्रवार को टैक्स प्रोत्साहनों की घोषणा की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर घटाकर 22 फीसदी करने का ऐलान किया, बशर्ते ये कंपनियां किसी प्रकार की छूट और प्रोत्साहन प्राप्त नहीं करेंगी. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 में उद्योग जगत की हस्तियों ने केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना की.

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में हीरानंदानी ग्रुप के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक निरंजन हीरानंदानी ने घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर को कम करने के सरकार के कदम का स्वागत किया और इसे "अविश्वसनीय" बताया. हीरानंदानी ने कॉरपोरेट ग्रुप्स के लिए टैक्स में कटौती को कैंसर की कीमोथेरेपी करार दिया. उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार कैंसर का इलाज क्रोसिन से कर रही थी, लेकिन कॉरपोरेट टैक्स में कटौती वाला सरकार का कदम कैंसर का सही इलाज है. सरकार ने कैंसर की अब कोमीथेरेपी की है.

हीरानंदानी ने यह भी कहा कि सरकार के इस कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था की गिरावट पर ब्रेक लगेगा और सरकार को सुधार के अपने कदम को रोकना नहीं चाहिए. उन्होंने यह भी कहा, 'हमें मांग पक्ष का भी ध्यान रखना होगा...,' कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से सप्लाई करने वाले पक्ष का ध्यान रखा गया है और अब मांग पक्ष की जरूरत पर काम करने की जरूरत है.'

बता दें कि इंडिया कॉन्क्लेव में मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन के टीवी मोहनदास पई, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका, मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आरसी भार्गव, गोदरेज समूह के आदि गोदरेज, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और पीरामल ग्रुप के अजय पीरामल ने भी शिरकत की.

हीरानंदानी ने सुझाव दिया कि अगले छह महीनों में वस्तु और सेवा कर (GST) में "रणनीतिक कमी" का ध्यान रखा जा सकता है. वहीं हीरानंदानी की टिप्पणियों पर गोदरेज समूह के अध्यक्ष आदि गोदरेज ने सहमति जताई और उन्होंने सरकार के ऐलान की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम हमारे देश में आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देगा.

आदि गोदरेज ने सरकार के मौजूदा कॉरपोरेट टैक्स में कटौती वाले कदम की तुलना 1991 के उदारीकरण से की. उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि अर्थव्यवस्था के लिए एकमात्र घोषणा जो कि अर्थव्यवस्था के लिए अधिक बड़ी थी, 1991 में (उदारीकरण) थी." "मुझे लगता है कि इससे (कॉरपोरेट टैक्स में कटौती) अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त सकारात्मक प्रभाव होगा."