भारत के युवा पहलवान दीपक पूनिया ने शनिवार को वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप के 86 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बना ली है. दीपक ने सेमीफाइनल में स्विट्जरलैंड के स्टेफन सेइचमुथ को 8-2 से मात दे फाइनल में जगह बनाई. दीपक के पास भारत के लिए इतिहास रचने का मौका है. पहले ही प्रयास में वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के दीपक पूनिया अपने इस शानदार प्रदर्शन के दम पर वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से अब बस एक जीत दूर हैं.

20 साल के युवा पहलवान दीपक ने कजाकिस्तान के नूर सुल्तान में जारी वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप के 86 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बना ली है. दीपक ने सेमीफाइनल में स्विट्जरलैंड के स्टेफन सेइचमुथ को 8-2 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई है. दीपक पहले ही ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके हैं. फाइनल में उनका सामना ईरान के हसन याजदानिचाराटी से होगा. जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुके दीपक अब अपने स्वर्णिम दांव से मात्र एक जीत दूर हैं.

कैडेट वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले दीपक अगर फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब होते हैं तो वह ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के बाद वर्ल्ड चैम्पियनशिप के इतिहास में स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय पहलवान होंगे. दीपक ने इससे पहले, सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत को चौथा ओलंपिक कोटा दिलाया था. दीपक पूनिया से पहले विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और रवि दाहिया टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल कर चुके हैं.

Indian Olympic Association: On his debut World Wrestling Championship, wrestler Deepak Punia enters finals of the 86 kg Freestyle event. https://t.co/qlp5B8um4O

— ANI (@ANI) September 21, 2019

दीपक के शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह मौजूदा चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय पहलवान हैं. उनके इस प्रदर्शन को देखकर अब सभी भारतीयों को उनसे स्वर्ण की उम्मीद काफी बढ़ गई है. सुशील (66 किग्रा) 2010 में मॉस्को में रूस के एलन गोगाऐय को हराकर स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे. उन्होंने इसके अलावा दो बार ओलंपिक में भी पदक जीते है. सुशील को हालांकि यहां अपने पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा था. सुशील ने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था. भारत ने विश्व चैम्पियनशिप में अब तक कुल एक स्वर्ण, तीन रजत और छह कांस्य जीते हैं.

सुशील के अलावा बिसंभर सिंह ने 1967 में नई दिल्ली में रजत, अनिल कुमार दहिया ने 2010 में रजत, बजरंग पूनिया ने 2018 में बुडापेस्ट में रजत पदक जीता था. इसके अलावा उदय चंद 1961 में योकोहामा में कांस्य, बजरंग 2013 में बुडापेस्ट में कांस्य, रमेश कुमार 2009 में हेरनिंग में कांस्य, नरसिंह पंचम यादव 2015 में लॉस वेगास में कांस्य, रवि कुमार दहिया 2019 में नूर सुल्तान में कांस्य और बजरंग 2019 में नूर सुल्तान में कांस्य पदक हासिल कर चुके हैं. बजरंग एकमात्र ऐसे भारतीय पहलवान हैं, जिन्होंने तीन बार विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता है. वह एक बार रजत और दो बार कांस्य जीत चुके हैं.