बीजिंग: अफगानिस्तान के आतंकवादी समूह तालिबान के नेताओं के साथ यहां चीनी अधिकारियों की मुलाकात के बाद चीन ने सोमवार को अमेरिका और तालिबान के बीच वार्ता का समर्थन किया। इससे दो हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान आतंकवादियों के साथ प्रस्तावित समझौते को लेकर बातचीत रद्द कर दी थी । चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘‘चीन को उम्मीद है कि अमेरिका और अफगानिस्तान तालिबान वार्ता की गति को बनाये रखेंगे ।''

गेंग ने यह भी कहा कि चीन जल्द राष्ट्रीय सुलह, शांति और स्थिरता प्राप्त करने के लिए अफगानों (सरकार और तालिबान) के बीच आंतरिक वार्ता और संवाद का समर्थन करता है । तालिबान ने एक ट्वीट में कहा कि चीन के अधिकारियों ने प्रस्तावित अमेरिका-तालिबान के बीच समझौते का समर्थन किया है । काबुल में हुए बम धमाके में एक अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस महीने की शुरुआत में तालिबान के साथ वार्ता को रद्द कर दिया था । तालिबान के प्रमुख वार्ताकार तब से कहते आ रहे हैं कि बातचीत फिर से शुरू करने के लिए समूह के ‘‘दरवाजे खुले'' हैं ।

कतर स्थित तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने ट्वीट कर कहा कि संगठन के राजनीतिक नेता मुल्ला अब्दुल गनी बारादर की अगुवाई में नौ सदस्यीय शिष्टमंडल ने अफगानिस्तान के लिए चीन के विशेष दूत देंग शिजुन से बीजिंग में मुलाकात की । शाहीन के अनुसार दोनों पक्षों ने अमेरिका तालिबान वार्ता और समझौते पर चर्चा की और चीनी विशेष दूत ने कहा कि ‘‘अफगानिस्तान मुद्दे के समाधान के लिए अमेरिका तालिबान समझौता एक अच्छी पहल है और वे इसका समर्थन करते हैं।''