मुंबई : पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ उनके खिलाफ लगाए गए हितों के टकराव के आरोपों का जवाब देने के लिये गुरुवार को बीसीसीआई के आचरण अधिकारी डी के जैन के समक्ष पेश होंगे। द्रविड़ अभी बेंगलुरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निदेशक हैं। इसके अलावा वह इंडिया सीमेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष हैं जिसके पास आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिकाना हक हैं। एनसीए में पद संभालने से पहले 46 वर्षीय द्रविड़ भारत ए और अंडर-19 टीमों के कोच थे।

एनसीए निदेशक रहते हुए वह इन दोनों टीमों की प्रगति पर भी निगरानी रखेंगे। द्रविड़ के खिलाफ मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि द्रविड़ की भूमिका हितों के टकराव के दायरे में आती है क्योंकि वह एनसीए प्रमुख और इंडिया सीमेंट के कर्मचारी भी हैं। द्रविड़ पहले ही अपना जवाब दे चुके हैं कि उन्होंने अपने नियोक्ता इंडिया सीमेंट से अवकाश लिया है और उनका चेन्नई सुपरकिंग्स से कोई लेना देना नहीं है।  इसी तरह से बीसीसीआई कर्मचारी मयंक पारिख को भी गुरुवार को आचरण अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। पारिख कई क्लबों से जुड़े हैं और उन पर भी हितों के टकराव के आरोप लगे हैं। द्रविड़ की सुनवाई सुबह होगी और उसके बाद पारिख की सुनवाई होगी। बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक से अधिक पद नहीं संभाल सकता है। बीसीसीआई आचरण अधिकारी गुरुवार को होने वाली सुनवाई के आधार पर फैसला सुनाएंगे।